अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान कुल 2,818 बंदूकें और 2,84,860 राउंड्स स्वेच्छा से सौंपे गए। अभियान के दौरान हथियार सौंपने वाले किसी पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
सरकार ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य देश में शांति और सुरक्षा को मजबूत करना था। आमनस्टी अवधि में किसी पर कोई दंड न होने की व्यवस्था ने जनता में विश्वास पैदा किया और स्वेच्छा से सहयोग बढ़ाया।
अभियान की समयसीमा समाप्त होने के बाद सरकार ने चेतावनी दी है कि अब किसी भी अवैध हथियार के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आंतरिक मंत्रालय ने जनता और नागरिकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस पहल में सहयोग दिया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कदम कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।




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